नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी) ने आज नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण स्वच्छता संवाद का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों, और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
स्वच्छता संवाद का मुख्य उद्देश्य यह था कि नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें इस दिशा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान, आईसीएआर के अध्यक्ष ने कहा, "स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। हमें मिलकर काम करना होगा ताकि हम अपने समाज को स्वच्छ और स्वस्थ बना सकें।"
इस संवाद में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्वच्छता केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि स्वच्छता के माध्यम से हम पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान कर सकते हैं।
कार्यक्रम में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का अनावरण किया गया। इनमें स्वच्छता अभियानों में नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पुरस्कार योजनाएं शामिल थीं। इसके अलावा, स्थानीय समुदायों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना बनाई गई।
इस संवाद में भाग ले रहे नागरिकों ने भी अपने विचार साझा किए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "स्वच्छता हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। हमें अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए सक्रिय रूप से काम करना चाहिए।"
स्वच्छता संवाद का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह था कि इसमें युवाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया। आयोजकों ने बताया कि युवा पीढ़ी को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करना आवश्यक है, क्योंकि वे भविष्य के नेता हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान, आईसीएआर और सीआईआरबी ने विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर एक नई पहल की घोषणा की, जिसका नाम 'स्वच्छता मित्र' रखा गया। इस पहल के तहत, स्थानीय समुदायों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए युवा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद और पहलों से स्वच्छता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिक समाज इस दिशा में सक्रिय रूप से भाग ले। स्वच्छता संवाद ने न केवल स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि जब समुदाय एकजुट होते हैं, तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं।
