INDIA LIVE DESKNIFTY 50:23,140.50(+0.34%)SENSEX:73,895.74(+0.43%)
RDU Global
🇮🇳
Back to India Desk
2026/09/26National Governance & Policy

गुंटूर और नंबूर के बीच 108 करोड़ रुपये के ओवरब्रिज की आधारशिला रखी गई

गुंटूर और नंबूर के बीच 108 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चार लेन के ओवरब्रिज की आधारशिला आज रखी गई। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

R

RDU Global Correspondent

Governance & Policy Desk

New Delhi, India Sept 26, 2026•3 min read
गुंटूर और नंबूर के बीच 108 करोड़ रुपये के ओवरब्रिज की आधारशिला रखी गई
Editorial Photo: New Delhi, India — गुंटूर और नंबूर के बीच 108 करोड़ रुपये के ओवरब्रिज की आधारशिला रखी गईRDU Global Media

गुंटूर और नंबूर के बीच 108 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले चार लेन के ओवरब्रिज की आधारशिला आज एक भव्य समारोह में रखी गई, जिसमें केंद्रीय और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह परियोजना न केवल क्षेत्र के परिवहन बुनियादी ढांचे को सुधारने का वादा करती है, बल्कि यह गुंटूर और नंबूर के बीच व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की उम्मीद है।

इस ओवरब्रिज का निर्माण गुंटूर जिले के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सहायक होगा। गुंटूर और नंबूर के बीच बेहतर संपर्कता से स्थानीय व्यवसायों को लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

राज्य के मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, "यह ओवरब्रिज न केवल गुंटूर और नंबूर के बीच की दूरी को कम करेगा, बल्कि यह क्षेत्र के विकास में एक नई दिशा भी प्रदान करेगा। हम सभी को मिलकर इस परियोजना को सफल बनाना है।" उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना में स्थानीय निवासियों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपाय किए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस ओवरब्रिज का निर्माण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों के लिए भी फायदेमंद होगा। गुंटूर एक प्रमुख कृषि और वाणिज्यिक केंद्र है, और इस ओवरब्रिज के माध्यम से किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी।

इसके अलावा, इस ओवरब्रिज के निर्माण से स्थानीय परिवहन सेवाओं में भी सुधार होगा। क्षेत्र में बढ़ती जनसंख्या और यातायात के दबाव को देखते हुए, यह परियोजना समय की आवश्यकता बन गई थी। गुंटूर और नंबूर के बीच की यात्रा अब अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।

हालांकि, इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी जैसे मुद्दों को भी हल करना होगा। स्थानीय निवासियों की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से की जाएंगी।

इस ओवरब्रिज के निर्माण से जुड़ी कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि परियोजना के सभी चरणों को समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने की योजना है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा।

अंततः, गुंटूर और नंबूर के बीच इस चार लेन के ओवरब्रिज का निर्माण न केवल क्षेत्रीय विकास का प्रतीक है, बल्कि यह राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में गुंटूर को एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

Editorial & Verification Notice

Reported by RDU Global Correspondent. Formatted and verified using real-time institutional and journalistic wire feeds. Independent reporting adhering to the RDU Global Editorial Code of Conduct.

Related Coverage

National Governance & Policy

Shivakumar Seeks Defence Land for Seven Projects, Including 730-Acre Public Park Near Iblur

Karnataka Deputy Chief Minister D.K. Shivakumar has petitioned Defence Minister Rajnath Singh seeking land for seven development projects, including a proposed permanent public park and lung space spread across about 730 acres near the Iblur Firing Range. The move underscores the state government’s push to secure large urban land parcels for public infrastructure in Bengaluru, where land scarcity and competing institutional claims have become a defining policy challenge.

Just now (07:06 PM IST)
National Governance & Policy

AIKMS Urges United Front Against Agriculture Corporatisation

The All India Kisan Mazdoor Sabha has called for a broad, united movement to resist what it describes as the corporatisation of Indian agriculture, framing the issue as a direct threat to smallholders, farm labourers and food sovereignty. The appeal comes amid intensifying debate over market reforms, contract farming and the growing role of large agribusiness in the farm economy.

Just now (06:25 PM IST)
National Governance & Policy

Peevees Model School magazine Meraki wins first prize, to represent Malappuram at state level

Peevees Model School’s magazine Meraki has secured first prize and will now represent Malappuram district in the state-level competition, marking a notable achievement for the institution’s student-led creative work. The win highlights the continuing importance of school magazines as platforms for expression, editorial discipline and youth participation in academic life.

Just now (06:25 PM IST)